ताज़ा खबर
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पी.एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 7 कें. औ. सु. ब., जयपुर 06.06.2017 को अस्तित्व में आया और 24.06.2017 को कर्नल श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्य सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री, भारत सरकार, की उपस्थिति में उद्घाटन किया गया।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
केवीएस उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और अपने छात्रों की प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास करता है;...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
संजीत कुमार
उप आयुक्त
विज्ञान एवं तकनीक के वर्तमान परिवेश में केन्द्रीय विद्यालय संगठन अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्शा रहा है। उसकी यह निरंतरता व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास का मार्ग प्रशस्त कर उसे समग्रता की ओर उन्मुख करती है। केन्द्रीय विद्यालयों की शिक्षा उदारता से अनुप्राणित, ज्ञान की गहराई, चरित्र की संस्कृति एवं व्यक्तित्व की पूर्णता का अद्भुत सम्मिश्रण है। केन्द्रीय विद्यालयों ने विद्यार्थियों हेतु विविध क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं एवं उत्कृष्टता साबित करने हेतु अनेकानेक अवसर प्रदान करने में अग्रणी पहल की है। विद्यार्थी इन विविध गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को अभिव्यक्त कर आत्मविश्वास से सराबोर रहता है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी सकारात्मक सोच, अप्रतिम कर्तव्यनिष्ठता, आस्था एवं लगन से प्रत्येक कार्य को तन्मयता से कर अपनी कर्म निष्ठता का परिचय देते हैं साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम की नवीनतम तकनीक से भी अद्यतन रहते हैं। पल पल बदलते विशिष्ट क्षेत्रों को शिक्षा जगत से जोड़ना और अपने विद्यार्थियों को ज्ञानार्जन के अनेकानेक सोपानो पर आरोहण करना व लक्ष्य प्राप्ति हेतु सतत प्रयास करना हमारा उद्देश्य है। मैं हृदय के अंतः स्थल से जयपुर संभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, शैक्षिक एवं गैर शैक्षिक कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के सतत प्रयासों के लिए साधुवाद देता हूँ जो प्रत्येक क्रियाकलाप को आगे बढ़ाने में अपनी महत्ती भूमिका निभा रहे हैं। आपके सहयोग से यह प्रयास अवश्य सफलीभूत होगा तथा सही दिशा में अवस्थित हो सकेगा ऐसा मेरा विश्वास है। ईश्वर हमें शक्ति दे कि हम अपनी एकनिष्ठता व सार्थक ऊष्मा से आप्लावित हो समाज को श्रेष्ठतम दे सकें। “कर्म का वाहन जहाँ तक चल सके साधना में लीन हो गाते रहो प्राण का दीपक जहाँ तक जल सके विश्व में आलोक फैलाते रहो” जय हिन्द
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राज कुमार कटारिया
प्राचार्य
पी.एम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 7 कें. औ. सु. ब., जयपुर का मतलब ‘मूल्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ है। यहां समग्र दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो बच्चे की पूर्ण क्षमता को सामने लाकर एकीकृत मानव के विकास की ओर ले जाता है। हमारा प्रयास एक ऐसा माहौल बनाने की दिशा में है जहां हर किसी को अपनी अंतर्निहित प्रतिभा का पता लगाने, नए विचारों के साथ आने और उत्कृष्टता के लिए उच्च स्तर तक प्रयोग करने का अवसर मिलेगा, अपने लिए एक नया मील का पत्थर स्थापित किया जाएगा। आप जानते हैं कि प्रयोग के बिना कुछ भी नया नहीं खोजा जा सकता। यदि थॉमस एडिसन अपने प्रयोग बंद कर देते तो वह कभी भी बिजली के बल्ब को उल्टा नहीं करते। तो, नई चीज़ों पर हाथ आज़माने और कुछ नया बनाने की कोशिश करने से ही व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है। मैं हमेशा अपने छात्रों के लिए 3डी फॉर्मूले की वकालत करता हूं यानी गंतव्य, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य; परिश्रम, अगर कोई इन 3डी को अपने जीवन में अपना ले तो उसके लिए कुछ भी हासिल करना असंभव नहीं है। “भविष्य कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ हम जा रहे हैं। लेकिन जिसे हम बनाते हैं. सफलता का रास्ता खोजा नहीं जाता, बल्कि बनाया जाता है…./” राज कुमार कटारिया
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- चुने गए उम्मीदवारों की प्रोविज़नल लिस्ट (क्लास IV) – अंतिम तिथि: 18/07/2026 नई
- चुने गए उम्मीदवारों की प्रोविज़नल लिस्ट (कक्षा IV, IX, XI) – अंतिम तिथि: 22/07/2026 नई
- चुने गए उम्मीदवारों की प्रोविज़नल छठी सूची (कक्षा : बालवाटिका : III) – अंतिम तिथि: 18/07/2026 नई
- चुने गए उम्मीदवारों की प्रोविज़नल छठी सूची (कक्षा II, III, V, VIII) – अंतिम तिथि: 18/07/2026 नई
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